कर्मा रहस्य पार्ट 1Karma rahasya part 1

कर्मा रहस्य पार्ट 1

कर्मा रहस्य क्या है इसे समझ लिया तो समझो पूरा खेल समझ लिया

इस समय जिस धरा पर आप रह रहे है उस धरा को आप कई नामों से जानते होंगे इन कई नामों मे से एक नाम इस धरा का कर्म भूमि भी है। 

कर्म भूमि

                        कर्म भूमि इसलिए क्योकि यहां हम अपना-अपना कर्म करने आते है और कर्मो के आधार पर ही हमे उसका परिणाम भी मिलता है। 

कर्म के दो प्रकार होते है एक अच्छे कर्म तथा दूसरा बुरे कर्म। 

अच्छे कर्म तथा बुरे कर्म

अच्छे कर्मो का मिलता है फल और बुरे कर्मो का मिलता है दण्ड यह तो एक साधारण सी बात है जो लगभग सभी जानते है

कर्मो का परिणाम

अब बात करते है कुछ रहस्यों

यह बात तो सभी जानते है की आपके द्वारा किये गये अच्छे-बुरे कर्मों का परिणाम कर्म फल या कर्म दण्ड हो सकता है


लेकिन यह जरूरी नही की सिर्फ आपके ही कर्मो का दण्ड या फल आपको मिलता है बल्कि

इन कर्मो मे आपके पूर्वजों के कर्म तथा आपके पुर्व जन्म के कर्म भी शामिल होते है

पूर्वजों तथा पुर्व जन्मों के कर्म

जिसके परिणाम स्वरूप आपको आपके जीवन मे सफलता तथा असफलता देखने को मिलती है।

आपके पुर्वजों ने जो कर्म अपने जीवन मे किये होते है उनके अच्छे-बुरे कर्मों का परिणाम भी आपको जीवन मे मिलता है उसी प्रकार

आपके पुर्व जन्म के कर्मों का परिणाम भी आपके जीवन मे शामिल होता है। 

स्वर्ग-नर्क कहीं नही लोग अपने ही कर्मों से इस जीवन को स्वर्ग-नर्क कर लेते है

स्वर्ग तथा नर्क  इसी जीवन मे

आपने कोई कर्म किया जिसके परिणाम को आप भोग न उसके तो

आपके द्वारा किये गये कर्म के परिणाम को आपकी आने वाली संतान को भोगना पड़ता है सही सत्य है।

मनुष्य सुखी होगा या दुखी होगा इसका निर्धारण उसके कर्म करेंगें।

जब व्यक्ति अपने कर्मो को भोगता है तो साथ ही अपने पुर्वजों के द्वारा किये गये कर्म को भी व्यक्ति भोगता है।  

उदाहरण:- यदि आपके पिता ने कोई कर्ज लिया है जो अपने जीते-जी नही चुका पाये तो पिता का कर्ज उसकी संतान चुकाती है। ठीक उसी तरह कर्म भी एक कर्जा ही होता है। 

कर्म एक कर्जा

कर्म एक ऐसा कर्जा होता जिसे आपको खुद ही चुकाना पड़ता है। कोई भी बड़ी-से-बड़ी शक्ती आपके कर्म के बीच मे नही आयेगी। 

मनुष्य के जीवन मे कुछ होने, ना होने का कारण उसके कर्म ही है।

अब वह चाहे सुख,समृद्धि,शांति,वैभव आदि कुछ भी हो सकता है वह सभी कर्म के आधीन है। 

लेख पार्ट 2 मे विस्तृत रूप से समझाऊंगा की कर्म कैसे आपके जीवन मे उतरता है।