ब्रह्मांडीय दीक्षा क्यों जरूरी है?

यह जानना बहुत जरूरी है की ब्रह्मांडीय ऊर्जा दीक्षा की आवश्यकता क्या है?

चूंकि समस्त जीव-जंतु यहां तक की मानव भी इस ऊर्जा के कारण ही अपना दैनिक जीवन व्यतीत कर पाता हैं

आपके कार्य करने मे तो ऊर्जा खर्च होती ही है साथ-ही-साथ

आपके देखने,सुनने,बोलने,उठने,बैठने,चलने,दाढ़ी-मूंछ,नाखुनों के बढने तथा आपने जो खाना खाया है उसको पचाने मे भी ऊर्जा खर्च होती है

आपने अपना दैनिक योग,प्राणायाम, पूजा-पाठ कर लिया इन सभी क्रियाओं से एक सिमित मात्रा मे ऊर्जा उत्पन्न होती है

दैनिक पूजा-पाठ

अब यदि आप कहीं बाहर किसी काम से निकले और किसी नकारात्मक व्यक्ति से मिले जो पूजा-पाठ, योग-ध्यान नही करता।

ऐसे व्यक्ति से मिलते समय उससे हाथ मिलाया या गले मिले तो आपने जो पूजा-पाठ, योग से सिमित मात्रा मे ऊर्जा प्राप्त की थी

एक सकारात्मक ऊर्जावान व्यक्ति का एक नकारात्मक व्यक्ति से मिलना

वह समस्त ऊर्जा वह नकारात्मक व्यक्ति आप से खीच लेगा और आपको भी नकारात्मक ऊर्जा से भर देगा।


आपने कभी गौर किया होगा जब आप दैनिक पूजा, योग के बाद फ्रेश और ऊर्जान्वित महसूस करते है

लेकिन जब आप बाहर जाते है तो थकावट, कमजोरी सी महसूस होती है इसका एक कारण यह भी है

बृह्माण्डियें दीक्षा के बाद आप उस परमपिता परमेश्वर की ऊर्जा से जुड़ जाते है

ब्रह्मांडीय ऊर्जा साधना

ब्रह्माण्डियें ऊर्जा की साधना पूर्ण कर लेने के बाद यदि कोई आपकी ऊर्जा ले भी लेता है तो

ब्रह्माण्डियें ऊर्जा आप मे पुन: ऊर्जा भर देती है दीक्षा के बाद आप इस ऊर्जा से जन्मों के लिए जुड़ जाते हैं

यह दिव्य ऊर्जा आपके अंदर चौबिसों घण्टे बहती रहती है और आपका स्तर एक आम इंसान से ऊपर उठा जाता है।

ब्रह्मांडीय ऊर्जा के लाभ।

ब्रह्मांडीय ऊर्जा के लाभ

ब्रह्माण्डिये ऊर्जा के अनगिनत लाभ है जिन्हें लिख पाना मुमकिन नहीं फिर भी कुछ आपके सामने प्रस्तुत किये गयें है

1 किसी के भी रोग के उपचार की क्षमता आ जाती है


2 ध्यान मे तीवृता से प्रगती होती है


3 चक्रों की सफायी आसानी से की जा सकती ह


4 कुण्डलिनी जागरण मे इसका बहुत महत्व है


5 आपके चेहरे पर चमक तथा तेज मे बृध्दी होती है


6 ग्रह दोष तथा श्राप दोष से राहत मिलने लगती हैं


7 दिमाग तेजी से विकसित होता हैं

और ऐसे बहुत से लाभ है जिन्हे शब्दों में बयां करना मुश्किल है

यह दिव्य ऊर्जा आज के युग की जरूरत है क्योकि हर जगह सिर्फ नकारात्मकता ही है

यह दिव्य ऊर्जा आपकी नकारात्मकता से रक्षा भी करेती है और आपको आपके मार्ग पर बनायें रखती है।

क्या होता है दीक्षा में?

क्या होता है दीक्षा मे

इस दीक्षा मे आपको ईश्वरीय तत्व से जोड़ दिया जाता है और आपके हाथ और पैर के तलवों के पोरों को तथा आपके सहसत्ररार चक्र को खोल दिया जाता हैं।

इस सहसत्ररार चक्र से ऊर्जा आप मे प्रवेश करती है दीक्षा शक्तिपात के माध्यम से होती है।

केवल शक्तिपात दीक्षा ग्रहण करने मात्रा से आपके बहुत सी नकारात्मकता तथा पाप नष्ट हो जाते है यह दिव्य ऊर्जा दीक्षा कोई भी ले सकता है।